हिमाचल सरकार एक और हेलीकॉप्टर वेट लीज पर लेने जा रही है. वेट लीज वह व्यवस्था होती है, जिसमें विमान, कंपनी चालक और चालक दल सदस्य के साथ विमान लीज पर देती है. साथ ही इनके रखरखाव और बीमे का भुगतान करती है. बहरहाल, बीते दिनों हुई प्री बिड मीटिंग के बाद अब अंतिम फैसला 5 दिसंबर को होने जा रहा है. प्रदेश के पास पहले ही एक हेलीकॉप्टर पवन हंस है. इस कंपनी के साथ वर्ष 2019 के अंत तक करार है. उससे पहले सरकार को एक और हेलीकॉप्टर की जरूरत महसूस हुई है. साथ ही आपात परिस्थितियों और जनजातीय जिला लाहौल स्पीति में भी सर्दियों में आवाजाही के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल होता है. ऐसे में सरकार ने एमआई 172 हेलीकॉप्टर को वेट लीज पर लेने का फैसला किया है. चार कंपनियों ने इसके लिए हामी भरी है. आगामी 5 दिसंबर को शिमला में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक होगी, जिसमें तकनीकी पहलुओं पर चर्चा होनी है. सालाना हेलीकॉप्टर वेट लीज पर हिमाचल 16 करोड़ रुपए खर्च करती है.from Latest News हिमाचल प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/2E3dt6O
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