मनाली में इन दिनों वॉल्वों बस से पहुंचने वाले पर्यटकों को परेशानी महसूस हो रही है. दरअसल, वॉल्वों को मनाली से 20 किलोमीटर पहले ही पतलीकूहल में रोक दिया जा रहा है, जिसके चलते यात्रियों और पर्यटकों को बहुत परेशानी महसूस हो रही है. वॉल्वो बसों को पर्यटन नगरी मनाली की जीवन रेखा माना जाता है और लगभग 80 प्रतिशत पर्यटक वॉल्वो बसों के माध्यम से ही मनाली पहुंचते हैं.from Latest News हिमाचल प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/2DeQN2f
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