हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला अपने धार्मिक सांस्कृतिक, मेलों और त्योहारों के लिए पूरे देश में जाना जाता है. यहां के मेले व त्योहारों की अपनी ही अलग ही परंपरा है. वैशाख माह की संक्रांति को चुराह के देवी कोठी से बैरा वाली माता और चामुंडा माता का चंबा में मिलन की परंपरा अपने में एक अलग ही पहचान बनाए हुए हैं. बैरावाली माता अपनी बहन माता चामुंडा से मिलने एक बार फिर चंबा आई हैं. सदियों से अपनी बहन चामुंडा से मिलने की परंपरा निभाने वाली बैरावाली के चंबा आगमन पर भगवान इंद्र भी उनका स्वागत मेघ बरसा करते हैं. हर बार की तरह इस बार भी जैसे ही बैरावाली ने चंबा में प्रवेश किया एकदम साफ आसमान में अचानक बादल घनघनाते हुए बरस पड़े. ऐसा आज तक कभी भी नहीं हुआ जब बैरावाली माता के आगमन से पूर्व चंबा में बारिश न हो.from Latest News हिमाचल प्रदेश News18 हिंदी http://bit.ly/2KO3pCF
No comments:
Post a Comment