ये वीडियो है हिमाचल के सिरमौर जिले की. यहां आज भी सदियों पहले इस्तेमाल में लाए जाने वाले परंपरागत घराट का चलन है. परंपरागत घराट यानी गेहूं पीसने की ऐसी मशीन जो पिछली कई सदियों से आटा बनाने के लिए इस्तेमाल में लाई जाती रही है. इसके बारे में खास बात यह है कि यह बिना बिजली के चलती है. लोगों का मानना है कि घरात में तैयार होने वाला आटा कई नजरिए से स्वास्थ्य के लाभदायक होता है. इसमे तैयार आटा औषधीय गुणों के साथ स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है, यही कारण है कि यहां के लोग आज के इस आधुनिक युग में भी घरात से बना आटा इस्तेमाल करने को प्राथमिकता देते हैं.from Latest News हिमाचल प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/2ztFrVo
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